2 लाइन शायरी (Two Line Shayari)

Read Two Lines Best Hindi Shayari in Hindi language with English font. In Two Line Hindi Shayari you can say your words easily with tremendous style. Now a days 2 Line Shayari is one of the best shayari thats people likes very much. Enjoy Two Line Shayari.


 (तमाशा-ए-वक़्त )
तमाशा-ए-वक़्त मे ये दौर नज़र आता है,
कभी पर्दा हटाता है, कभी पर्दा लगाता है। 


दुनिया मैं हर चीज तमाशा है, चाहे वो कोई खेल हो या कोई फिल्म हो हर चीज तमाशा हैज हम इस दौर में जी रहे हैं जहां हमको खुद नहीं पता कि कब क्या हो जाए, कब कोई अमीर हो जाए, कब कौन गरीब हो जाए, हां दुनिया एक तमाशा है और इस तमाशे का मदराई खुदा है। आज कल हर कोई एक दुरे की टांग खींचने में लगा है। आपस में मोहब्बतें ख़तम हो चुकी हैं, कोई किसी से प्यार नहीं करता। दुनिया माई जंग चल रही है कब दुनिया ख़त्म हो जाएगी कुछ पता नहीं। तमाशा ए वक़्त में ये दौर नज़र आता है का मतलब ये है, लोग एक दूसरे से मतलब के लिए मिलते हैं मतलब निकालने के बाद कोई किसी को नहीं पूछता, जब हुकू किसी से कुछ कहता है तो चाहे कुछ भी हो शारीरिक, वित्तीय, भावनात्मक या फिर कोई मदद कर सके अपना काम निकालने के लिए उस इंसान के आगे पीछे घूमने लगते हैं जिसे हमने कोई फैदा हो सके, अपना काम निकालने के बाद हम अपनी अपनी आंखें बदल लेते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। कभी पर्दा लगता है कभी पर्दा हटाता है का मतलब ये ही है।


(इतना मत पूँछो)
 
इतना मत पूँछो किसी का हाल, ताला समझ लेता है चाबी की चाल। 


हम दूसरों को कभी इतना सम्मान देने लगते हैं शायद उस इंसान को हमारी वैल्यू देने के पीछे हमारा मकसद समझ आ जाता है, हम समझ भी नहीं पाते कि दूसरा सब समझ रहा है और हम उसका हाल पूछते रहते हैं उसको हमेशा याद रखते हैं, फिर होता क्या है वो सामने वाला हमें इज्जत नहीं देता और ना हमारे केयर को सीरियस लेता, वो समझ जाता है शायद हमारा कोई मकसद है। इसके लिए कहते हैं कि इतना मत पूछो किसी का हाल और ताला समझ जाता है छवि की चाल यानी दिमाग समाज जाता है जिसे ताला समझ लेता है कि छवि कहां घूम रही है और कब खुलना है।


(तितलियों के जानिब)

तितलियों के जानिब हो गए हैं वो, छू लो तो अपना रंग छोड़ देते हैं।




तितली का रंग दिल को छू लेते हैं, एक खूब का एहसास होता है तितली के रंग में, आज तितली इस फूल पाई तो कल उस फूल पाई बैठ जाती है। तितली एक प्यार का संदेश देती है, जब किसी को किसी से प्यार होता है तो उस इंसान को रंग भी अच्छे लगते हैं, फिर क्या होता है वो तितली की तरह इधर से उधर भागने लगता है से मतलब लगता है, वो इंसान तितली के जानिब हो जाता है. तितलियों को छू लो तो वो अपना रंग छोड़ देती है, क्या ख़ूब बात है यानी हम जिसके भी करीब हो गए हैं तो उस इंसान की हर चीज़ का असर हमारे अंदर दिखने लगता है।

(फेलाले अपने पर को)

फेलाले अपने पर को आसमान के आगे, कितनी फ़िज़ा बची है इस जहाँ के आगे।
 



कभी भी हमको डिप्रेस नहीं रहना चाहिए, चाहे कुछ भी हो जावे क्योंकि आपकी परेशानी किसी को नहीं दिखती याद रखो इस दुनिया में तुम अकेले हो और अकेले ही जाओ, सब रिश्ते यहीं पर रह जायेंगे। ये दुनिया एक फानी है और जान भी एक दिन जानी है। इसलिए उठो जागो प्यारे और अपने हाथों को उठाओ आसमान के सामने और झूमो नाचो गाओ, पहले अपने पर को आसमान के आगे से यही मतलब है। ये जहां बहुत बड़ा है यहां बहुत सारे लोग हैं, यहां की फ़िज़ाएं निराली हैं, यहां पर करने के लिए बहुत कुछ है, हम बस करते नहीं हैं याई एक बीमारी है जहां हमको ज्ञान तो बहुत होती है पर हम व्यावहारिक रूप से उसका इस्तेमाल नहीं कर पाते अपनी जिंदगी में जबके लेने के लिए बहुत कुछ है हमारे पास पर हमें खाली बताते रहना मेरा मजा आता है, कितनी फिजा बची है इस जहां के आगे से ये ही मतलब था।

(दिखाना सबूत)

दिखाना सबूत और जज़बात दिखाना, फ़ैसला आये जब अना तब किरदार दिखाना।




मैंने अगर ये कहा कि मैं अपनी वफ़ादारी के सारे सुबूत ला कर आपको दे देता हूं लेकिन आप मेरे इन साबूतों की अहमियत नहीं समझोगे तो मेरा आपको सुबूत ला कर दिखाना बेकार है। लेकिन जब मुझसे कोई जरूरी काम होगा तो आप मेरे अपनी वफादारी के सारे सुबूत लाओगे और अपनी वफादारी मेरे ऊपर रख दोगेये बिल्कुल वेसा है जेसा मैं आपका साथ दे रहा था। दिखाना सबुट और जज़्बात डिकाना से ये ही मतलब है। अक्सर लोग फैसला आने पर अपना किरदार दिखाते हैंजब उनके हक में फैसला नहीं आतामैं कहता हूं जब आपकी सारी कोशिशें बेकार हो जाएं और फैसला आपके हक में नहीं आए तब आप अपना किरदार ऐसे दिखाते होंलेकिन आप एक बेकार इंसान हों। फैसला आया जब कोई मतलब नहीं तब किरदार दिखाना से ये ही मतलब था।

(हैसियत)

हैसियत बताने वाले अपनी हैसियत को देखआगे है तेरे आफ़त अपनी क़ैफ़ियत को देख |

 


घमंडी लोग अक्सर अपने आप को दूसरे से बेहतर समझते हैंजब एक दूसरे के ऊपर दूसरा बैठा हुआ है उससे भी ज्यादा हर चीज में कोई काम नहीं है और ना ही कोई परफेक्ट है इस दुनिया में ये ही सच्ची है। किसी की हसीयत बताने से पहले आप अपनी हसीयत तो देखियेकहीं ऐसा न हो कि शर्मिंदगी का सामना करना पड़े। हैसियत बताने वाले अपनी हैसियत को देख से यही मतलब है। हमारे आगे बहुत आफतें लगी हुई हैं हमको याई देखना जरूरी है कि क्या हम इन आफतों के रहते हैं एक अच्छी जिंदगी जी सकते हैं क्योंकि दुनिया में हर चीज एक वक्त तक ही रहती है। हमें अपनी कैफियत को जाना बहुत जरूरी है। आगे है तेरे आफत अपनी कैफियत को देख से यही मतलब है।

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Post by- Kashif Ahmad

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